सोमवार, 2 फ़रवरी 2026

विकसित भारत: एक सपना और एक लक्ष्य*

*विकसित भारत: एक सपना और एक लक्ष्य*


भारत एक प्राचीन और समृद्ध देश है, जिसने सदियों से ज्ञान, संस्कृति, और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज, भारत एक तेजी से विकसित हो रहा देश है, जो अपने नागरिकों के लिए बेहतर जीवन स्तर और अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


*विकसित भारत का अर्थ*


विकसित भारत का अर्थ है एक ऐसा देश जहां सभी नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, और सुरक्षा प्राप्त हों। जहां आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के माध्यम से सभी को समान अवसर मिले। जहां प्रौद्योगिकी और नवाचार का उपयोग करके देश की समस्याओं का समाधान किया जाए।


*विकसित भारत के लक्ष्य*


- *शिक्षा*: सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना।

- *स्वास्थ्य*: सभी को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।

- *स्वच्छता*: सभी को स्वच्छ वातावरण और स्वच्छता प्रदान करना।

- *सुरक्षा*: सभी को सुरक्षा और न्याय प्रदान करना।

- *आर्थिक विकास*: देश की आर्थिक विकास दर को बढ़ाना।

- *नवाचार*: प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देना।


*विकसित भारत के लिए कदम*


- *शिक्षा में सुधार*: शिक्षा प्रणाली में सुधार करना और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना।

- *स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार*: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना और सभी को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।

- *स्वच्छता अभियान*: स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देना और सभी को स्वच्छ वातावरण प्रदान करना।

- *सुरक्षा में सुधार*: सुरक्षा में सुधार करना और सभी को सुरक्षा प्रदान करना।

- *आर्थिक विकास*: आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और सभी को रोजगार के अवसर प्रदान करना।

- *नवाचार को बढ़ावा*: नवाचार को बढ़ावा देना और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके देश की समस्याओं का समाधान करना।


*निष्कर्ष*


विकसित भारत एक सपना है, जिसे हम सभी मिलकर पूरा कर सकते हैं। हमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, आर्थिक विकास, और नवाचार के क्षेत्र में सुधार करना होगा। हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा और देश को विकसित बनाने के लिए प्रतिबद्ध होना होगा।

*राष्ट्र एवं समाज के विकास में मेरा योगदान*

 *राष्ट्र एवं समाज के विकास में मेरा योगदान*


मैं एक सामान्य नागरिक के रूप में राष्ट्र एवं समाज के विकास में अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। मेरा मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति का छोटा सा योगदान भी समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


*शिक्षा और जागरूकता*


मैं अपने आसपास के लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करने का प्रयास करता हूँ। मैं लोगों को शिक्षा के महत्व को समझाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों में भाग लेता हूँ। मैं अपने ज्ञान और अनुभव को दूसरों के साथ साझा करने का प्रयास करता हूँ ताकि वे भी शिक्षित हो सकें और अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।


*स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण*


मैं स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करता हूँ। मैं लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करता हूँ और उन्हें स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करता हूँ। मैं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी काम करता हूँ और लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करता हूँ।


*समाज सेवा*


मैं समाज सेवा के लिए भी काम करता हूँ। मैं विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम करता हूँ और समाज के वंचित वर्गों की मदद करने का प्रयास करता हूँ। मैं लोगों को सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूक करता हूँ और उन्हें सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रेरित करता हूँ।


*निष्कर्ष*


मैं मानता हूँ कि राष्ट्र एवं समाज के विकास में मेरा योगदान बहुत छोटा है, लेकिन मैं अपने प्रयासों को जारी रखूंगा। मैं लोगों को जागरूक करने, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने, और समाज सेवा के लिए काम करने का प्रयास करता रहूंगा। मैं मानता हूँ कि यदि हम सभी मिलकर काम करें तो हम एक बेहतर समाज और राष्ट्र बना सकते हैं।

बुधवार, 21 जनवरी 2026

परिश्रम का महत्व (कहानी)

      परिश्रम का महत्व (कहानी)

 एक छोटे से गाँव में एक लड़का रहता था, जिसका नाम राजू था। राजू बहुत गरीब था और उसके माता-पिता मजदूरी करके अपना गुजारा करते थे। राजू को पढ़ने का बहुत शौक था, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे कि वह स्कूल जा सके।


एक दिन, राजू ने एक बूढ़े आदमी से पूछा, "बाबा, मैं कैसे पढ़ सकता हूँ? मेरे पास पैसे नहीं हैं।"


बूढ़े आदमी ने कहा, "राजू, पढ़ने के लिए पैसे नहीं, परिश्रम की जरूरत होती है। तुम परिश्रम करो, तो तुम्हें पढ़ने का अवसर जरूर मिलेगा।"


राजू ने बूढ़े आदमी की बात मान ली और वह दिन-रात परिश्रम करने लगा। वह दिन में मजदूरी करता और रात में पढ़ाई करता। उसकी मेहनत और परिश्रम को देखकर उसके माता-पिता भी खुश हुए और उन्होंने उसे पढ़ाने का फैसला किया।


राजू ने अपनी पढ़ाई पूरी की और वह एक सफल व्यक्ति बन गया। उसने अपने गाँव में एक स्कूल खोला और गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने लगा।


राजू की कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि परिश्रम और मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। अगर हम परिश्रम करेंगे, तो हमें सफलता जरूर मिलेगी।


*परिश्रम का महत्व:*


- परिश्रम से हम अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं।

- परिश्रम से हम अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

- परिश्रम से हम अपने समाज और देश के लिए कुछ कर सकते हैं।


*प्रेरणा:*


- परिश्रम करो, सफलता जरूर मिलेगी।

- मेहनत और परिश्रम से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

- परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है।

सोमवार, 29 दिसंबर 2025

द्वितीय आवधिक परीक्षा आठवीं

 (PT2) द्वितीय आवधिक परीक्षा 2025-26


कक्षा - आठवीं विषय हिंदी 


      प्रश्न पत्र का प्रारूप 


अंक -.40 समय - 90 मिनट


मल्हार पुस्तक 

पाठ - 6 से 9 तक।


1.अपठित गद्यांश पर प्रश्न = 5  अंक 


2.अपठित काव्यांश पर प्रश्न =5 अंक 


3.अनुच्छेद लेखन = 5 अंक 


 4. पत्र लेखन = 5 अंक 


5.संवाद लेखन/ सूचना लेखन =5अंक 


6.प्रश्नोत्तर (मल्हार पुस्तक) 2x4 = 8अंक 

7.व्याकरण - मुहावरे, वाक्य निर्माण, पर्यायवाची शब्द,काल, 

शब्द से जुड़े शब्द = 7 अंक 


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सोमवार, 22 दिसंबर 2025

शीतकालीन अवकाश गृहकार्य कक्षा दसवीं

 शीतकालीन अवकाश गृह कार्य 

कक्षा दसवीं 

1. सीबीएसई के दो प्रतिदर्श प्रश्नपत्र हल करना हैं।

2.पोर्ट फोलिओ को पूर्ण करना हैं।

3. कृतिका के पाठों को पढ़ना है।

4.व्याकरण - अलंकार के दस उदाहरण लिखिए।

शुतकालीन अवकाश गृहकार्य – कक्षा 8

 शुतकालीन अवकाश गृहकार्य – कक्षा 8

1. ✉️ पत्र लेखन (वर्तमान जीवन से संबंधित)

अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें आप डिजिटल युग में बढ़ती मोबाइल निर्भरता पर अपने विचार व्यक्त करें तथा उसके सही उपयोग के उपाय सुझाएँ।

2. 📝 अनुच्छेद लेखन (रचनात्मक)

“आज का विद्यार्थी और भविष्य का भारत” विषय पर लगभग 150–180 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए।

(संकेत बिंदु: शिक्षा, अनुशासन, तकनीक, नैतिक मूल्य)

3. 📢 सूचना लेखन (व्यावहारिक जीवन से संबंधित)

आप अपने विद्यालय के शीतकालीन अवकाश के दौरान स्वच्छता एवं सेवा अभियान के संयोजक हैं। इस अभियान की जानकारी देते हुए एक सूचना तैयार कीजिए।

(दिनांक, समय, स्थान, उद्देश्य अवश्य लिखें)

4. 🌱 कल्पनात्मक लेखन

कल्पना कीजिए कि वर्ष 2050 में पृथ्वी पर पेड़ों की संख्या बहुत कम हो गई है। उस समय का जीवन कैसा होगा? मानव और प्रकृति के संबंध का वर्णन कीजिए।

5. 🧠 रचनात्मक दीर्घोत्तरी प्रश्न

वर्तमान समय में मानसिक तनाव और प्रतिस्पर्धा विद्यार्थियों के जीवन को कैसे प्रभावित कर रही है? इससे बचने के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगे? उदाहरणों सहित लिखिए।

6.एम डी पी, छात्र दैनंदिनी और गृहकार्य पूर्ण करना हैं।

7. मल्हार पुस्तक के पाठ 6 से 9 को पढ़कर पाठ के पीछे दी गई गतिविधियों को पूर्ण करना हैं।

यह सभी कार्य नोटबुक में करना हैं।

शीतकालीन अवकाश गृहकार्य – कक्षा 7

 शीतकालीन अवकाश गृहकार्य – कक्षा 7

1.आज के समय में बढ़ती ठंड और जलवायु परिवर्तन का मानव जीवन, पशु-पक्षियों और पेड़ों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।

2.शीतकालीन अवकाश के दौरान आप अपने परिवार के साथ बिताए गए किसी विशेष अनुभव को याद करते हुए उसका भावपूर्ण वर्णन कीजिए और बताइए कि उससे आपने क्या सीखा।

3.यदि आपको अपने क्षेत्र में रहने वाले गरीब एवं बेसहारा लोगों की सहायता के लिए शीतकाल में एक योजना बनानी हो, तो आप क्या-क्या कदम उठाएँगे? विस्तार से लिखिए।

4.वर्तमान समय में मोबाइल, टीवी और इंटरनेट का उपयोग बढ़ गया है। शीतकालीन अवकाश में समय का सदुपयोग करने के लिए बच्चों को क्या करना चाहिए? अपने विचार उदाहरणों सहित लिखिए।

5.एम डी पी, छात्र दैनंदिनी और गृहकार्य पूर्ण करना हैं।

6. मल्हार पुस्तक के पाठ 6 से 9 को पढ़कर पाठ के पीछे दी गई गतिविधियों को पूर्ण करना हैं।

यह सभी कार्य नोटबुक में करना हैं।

विकसित भारत: एक सपना और एक लक्ष्य*

* विकसित भारत: एक सपना और एक लक्ष्य* भारत एक प्राचीन और समृद्ध देश है, जिसने सदियों से ज्ञान, संस्कृति, और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण...