शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

भारति, जय, विजयकरे!" कविता

 

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' द्वारा रचित "भारति, जय, विजयकरे!" कविता का सरल हिंदी अर्थ:

मुख्य भाव

इस कविता में कवि भारत माता की वंदना करते हुए उनके दिव्य और प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन कर रहे हैं तथा उनकी जय-जयकार कर रहे हैं।

पंक्तियों का सरल भावार्थ

  • भारति, जय, विजयकरे! / कनक-शस्य-कमलधरे! हे भारत माता! आपकी जय हो, आप सदैव विजय प्रदान करने वाली हैं। आप अपने हाथों में सोने जैसी पकी हुई फसलें और कमल का फूल धारण किए हुए हैं।
  • लंका पदतल शतदल, / गर्जितोर्मि सागर-जल / धोता शुचि चरण युगल / स्तव कर बहु-अर्थ-भरे! भारत के दक्षिण में स्थित लंका मानो चरण-कमल (सौ पंखुड़ियों वाले कमल) के समान सुशोभित है। समुद्र का गर्जन करता हुआ जल भारत माता के दोनों पवित्र चरणों को धोता है और गंभीर अर्थों से परिपूर्ण स्तुति (प्रार्थना) गाता है।
  • तरु-तृण-वन-लता वसन, / अंचल में खचित सुमन; / गंगा ज्योतिर्ज्ल-कण / धवल धार हार गले। पेड़, तिनके, वन और लताएँ भारत माता के वस्त्र के समान हैं और उनके आँचल में रंग-बिरंगे फूल जड़े हुए हैं। गंगा नदी की दिव्य, निर्मल और सफेद धारा भारत माता के गले में चमकते हुए हार की तरह सुशोभित है।
  • मुकुट शुभ्र हिम-तुषार, / प्राण प्रणव ओंकार, / ध्वनित दिशाएँ उदार, / शतमुख-शतरव-मुखरे! हिमालय की सफेद बर्फ भारत माता के शीश पर सुंदर मुकुट की तरह विराजमान है। भारत माता की आत्मा पवित्र 'ॐ' (ओंकार) की ध्वनि है। सभी दिशाएँ इस उदार और पवित्र ओंकार की ध्वनि से गूंज रही हैं और सैकड़ों मुखों से उठने वाले सैकड़ों स्वर भारत माता का यशगान कर रहे हैं।

शनिवार, 15 अगस्त 2026

कक्षा - आठवीं हिंदी MDP

 कक्षा -  आठवीं  हिंदी MDP


ऊर्जा संरक्षण


1.रचनात्मकता: यदि आपको अपने विद्यालय में ऊर्जा संरक्षण अभियान चलाने का अवसर मिले, तो आप कौन-कौन-सी रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित करेंगे? विस्तार से लिखिए।


2.बोधात्मक: ऊर्जा हमारे दैनिक जीवन में क्यों आवश्यक है? ऊर्जा के अनावश्यक उपयोग से पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर क्या प्रभाव पड़ता है?


3.आत्मसात: आपने ऊर्जा संरक्षण के बारे में जो सीखा है, उसे अपने घर और विद्यालय में किस प्रकार अपनाएँगे? कोई पाँच उपाय लिखिए।


4.मूल्यांकन: “ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा का उत्पादन है।” इस कथन के पक्ष में अपने विचार तर्क सहित लिखिए।



5.रचनात्मकता एवं मूल्यांकन: कल्पना कीजिए कि आपके विद्यालय में बिजली की खपत बहुत अधिक हो रही है। ऊर्जा की खपत कम करने के लिए तीन ठोस सुझावों सहित एक छोटी कार्ययोजना तैयार कीजिए।

कक्षा - सातवीं हिंदी MDP

कक्षा - सातवीं हिंदी MDP 
 स्वास्थ्य और स्वच्छता पर पाँच प्रश्न

 1.बोधात्मक – नीचे दिए गए चित्र की कल्पना कीजिए—एक बच्चा भोजन करने से पहले हाथ धो रहा है। चित्र के आधार पर बताइए कि हाथ धोना स्वास्थ्य के लिए क्यों आवश्यक है?

 2.रचनात्मकता – “स्वच्छ विद्यालय, स्वस्थ विद्यार्थी” विषय पर एक सुंदर पोस्टर बनाइए। पोस्टर में एक आकर्षक चित्र, नारा और स्वच्छता से संबंधित कम-से-कम तीन संदेश लिखिए। 


 3.आत्मसात – विवरणात्मक प्रश्न: आपने स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में जो सीखा है, उसे अपने दैनिक जीवन में कैसे अपनाएँगे? स्वच्छ एवं स्वस्थ रहने के पाँच उपाय लिखिए। 


 4.मूल्यांकन – दो चित्रों की कल्पना कीजिए—पहले चित्र में सड़क पर कूड़ा बिखरा हुआ है और दूसरे में कूड़ेदान का उचित उपयोग किया गया है। दोनों चित्रों की तुलना करके बताइए कि कौन-सी स्थिति बेहतर है और क्यों?





 5.मूल्यांकन एवं रचनात्मकता – विवरणात्मक प्रश्न: यदि आपके विद्यालय में विद्यार्थी कूड़ा इधर-उधर फेंकते हैं और स्वच्छता का ध्यान नहीं रखते, तो आप इस समस्या को दूर करने के लिए एक स्वच्छता अभियान की योजना कैसे बनाएँगे? विस्तार से लिखिए।

MDP हिंदी Class 6

कक्षा -‌ छठी ( एम डी पी) जल संरक्षण पर पाँच




 प्रश्न 1.रचनात्मकता: यदि आपको अपने विद्यालय में जल संरक्षण अभियान चलाने का अवसर मिले, तो आप कौन-कौन-सी रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित करेंगे? विस्तार से लिखिए।

 2.बोधात्मक: जल हमारे जीवन के लिए क्यों आवश्यक है? जल की कमी से मनुष्य, पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?

 3.आत्मसात: आपने जल संरक्षण के बारे में जो सीखा है, उसे अपने दैनिक जीवन में किस प्रकार अपनाएँगे? कोई पाँच उपाय लिखिए। 

 4.मूल्यांकन: “जल की एक-एक बूँद बचाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।” इस कथन के पक्ष में अपने विचार तर्क सहित लिखिए। 


 5.रचनात्मकता एवं मूल्यांकन: कल्पना कीजिए कि आपके गाँव/शहर में पानी की बहुत कमी हो गई है। इस समस्या के समाधान के लिए आप तीन ठोस सुझाव देते हुए एक छोटी योजना तैयार कीजिए।

शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

क्या लिखूं?

*📚 पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय छत्रपति संभाजीनगर* *कक्षा – 9-C | विषय – हिंदी* *📅 गृहकार्य – 17 जुलाई 2026* *📖 PT-1 पुनरावृत्ति – "क्या लिखूँ?" एवं "रैदास के पद"* 1. "क्या लिखूँ?" पाठ को ध्यानपूर्वक पढ़कर 10 कठिन शब्द एवं उनके अर्थ लिखिए। 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए— 1. लेखक किन विषयों पर लिखने की दुविधा व्यक्त करता है? 2. "क्या लिखूँ?" पाठ का मुख्य संदेश लिखिए। 3. रैदास के अनुसार सच्चा भक्त किसे कहा जा सकता है? 4. "रैदास के पद" से प्राप्त दो प्रमुख शिक्षाएँ लिखिए। 5. अपने शब्दों में "रैदास के पद" का भावार्थ लिखिए। ✍️ *व्याकरण* (क) निम्नलिखित शब्दों के दो-दो विलोम शब्द लिखिए 1. सुख 2. सत्य 3. प्रेम 4. प्रकाश 5. आशा (ख) निम्नलिखित लोकोक्तियों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए— 1. जैसा बोओगे वैसा काटोगे। 2. देर आए दुरुस्त आए। 3. जहाँ चाह वहाँ राह। 4. एकता में बल है। 5. मेहनत का फल मीठा होता है। *📖 याद करें:* "क्या लिखूँ?" पाठ एवं "रैदास के पद" के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर, भावार्थ एवं मुख्य संदेश। *📝 सूचना:* 21 जुलाई 2026 को होने वाली PT-1 परीक्षा हेतु सभी छात्र-छात्राएँ प्रतिदिन नियमित पुनरावृत्ति करें। ⚠️ सभी छात्र-छात्राएँ अपना गृहकार्य समय पर पूर्ण करें तथा प्रतिदिन कम से कम 1 घंटे अध्ययन अवश्य करें। – हिंदी अध्यापक

समय का सदुपयोग

समय का सदुपयोग ​समय इस संसार की सबसे मूल्यवान और शक्तिशाली वस्तु है। बीता हुआ समय कभी लौटकर वापस नहीं आता, इसलिए समय का सदुपयोग करना हमारे जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जो व्यक्ति समय की कद्र करता है, समय उसे सफलता के शिखर पर पहुँचा देता है। ​विद्यार्थियों के लिए समय का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। यदि हम अपने सभी कार्य—जैसे पढ़ाई, खेलकूद और आराम—एक निश्चित समय सारणी (Time Table) बनाकर करें, तो हम जीवन में कभी पीछे नहीं रहेंगे। समय का सही उपयोग करने से न केवल हमारा ज्ञान बढ़ता है, बल्कि हमारा मानसिक तनाव भी कम होता है। इसके विपरीत, जो लोग आज का काम कल पर टालते हैं और आलस्य में समय गँवाते हैं, उन्हें अंत में केवल असफलता और पछतावा ही मिलता है। महापुरुषों की सफलता का राज भी यही रहा है कि उन्होंने अपने समय के हर पल का सही इस्तेमाल किया। हमें याद रखना चाहिए कि धन तो दोबारा कमाया जा सकता है, लेकिन समय नहीं। इसलिए हमें समय को बर्बाद किए बिना उसका सही उपयोग करना चाहिए।

पेड़ का महत्व

पेड़ों का महत्व ​पेड़ हमारी धरती के सच्चे मित्र और प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। इनके बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। पेड़ हमें जीवित रहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण गैस 'ऑक्सीजन' देते हैं और हमारे द्वारा छोड़ी गई कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर पर्यावरण को शुद्ध रखते हैं। इनसे हमें मीठे फल, ताज़ी सब्जियाँ, अनाज और औषधियाँ (दवाइयाँ) मिलती हैं। पेड़ों से मिलने वाली लकड़ी का उपयोग घर और सुंदर फर्नीचर बनाने में होता है। ​इसके अलावा, पेड़ तीखी धूप में राहगीरों को ठंडी छाया देते हैं और अनगिनत पशु-पक्षियों का आशियाना (घर) बनते हैं। ये बादलों को आकर्षित करके वर्षा लाने में मदद करते हैं और अपनी जड़ों से मिट्टी को बांधकर बाढ़ को रोकते हैं। आज विकास के नाम पर पेड़ तेजी से काटे जा रहे हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है। हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को बचाएं और अपने जीवन को सुरक्षित रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं।

भारति, जय, विजयकरे!" कविता

  सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' द्वारा रचित "भारति, जय, विजयकरे!" कविता का सरल हिंदी अर्थ: ​ मुख्य भाव इस कविता में कवि भ...