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हिंदी के माध्यम से जीवन से जुडी जानकारी देना।
बुधवार, 16 सितंबर 2026
Class 9 अभ्यास कार्य
Cbse 10 अभ्यास कार्य
मंगलवार, 15 सितंबर 2026
Class 10 अभ्यास प्रश्न
1. साना-साना हाथ जोड़ि (मधु कांकरिया)
- प्रश्न 1: गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' क्यों कहा गया है?
- प्रश्न 2: जितेन नार्गे ने लेखिका को सिक्किम की प्रकृति, वहाँ की भौगोलिक स्थिति और जनजीवन के बारे में क्या-क्या जानकारी दी? अपने शब्दों में लिखिए।
- प्रश्न 3: पहाड़ी स्त्रियों के जीवन की कठोरता और संघर्ष का चित्रण पाठ में किस प्रकार किया गया है?
2. यह दंतुरित मुस्कान (नागाार्जुन)
- प्रश्न 1: बच्चे की 'दंतुरित मुस्कान' का कवि नागार्जुन के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- प्रश्न 2: "धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात... छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात।" इन पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न 3: कवि ने बच्चे और उसकी माँ के संबंध को किस प्रकार चित्रित किया है?
3. फसल (नागाार्जुन)
- प्रश्न 1: कवि के अनुसार 'फसल' क्या है? इसे पैदा करने में किन-किन तत्वों का योगदान होता है?
- प्रश्न 2: "फसल हाथों के स्पर्श की गरिमा और महिमा है"—कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
- प्रश्न 3: 'फसल' कविता के माध्यम से कवि प्रकृति और मनुष्य के संबंधों को किस रूप में व्यक्त करना चाहता है?
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
मित्रता पर अनुच्छेद
विशेषण
Class 9 ऐसी भी बातें होती हैं - प्रश्न और उत्तर
Class 9
ऐसी भी बातें होती हैं - प्रश्न और उत्तर (Notebook Format)
प्रश्न 1: लता जी ने अपने पिता (पं. दीनानाथ मंगेशकर) से क्या-क्या जीवन-मूल्य सीखे?
उत्तर:
लता जी ने अपने पिता से स्वाभिमान, सच्चाई, अनुशासन और लगन के साथ जीना सीखा। उनके पिता ने उन्हें सिखाया कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, मनुष्य को अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करना चाहिए और हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।
प्रश्न 2: पिताजी की असमय मृत्यु के बाद लता जी के सामने क्या चुनौतियाँ थीं और उन्होंने उनका सामना कैसे किया?
उत्तर:
पिताजी की मृत्यु के समय लता जी की आयु बहुत कम (केवल 13 वर्ष) थी। उन पर अपने पूरे परिवार (माँ और चार भाई-बहनों) के पालन-पोषण की ज़िम्मेदारी आ गई। उन्होंने बिना हार माने गायन और अभिनय के क्षेत्र में कड़ा संघर्ष किया तथा अपने आत्मसम्मान और लगन के बल पर परिवार को संभाला।
प्रश्न 3: संगीत साधना के संदर्भ में लता जी के क्या विचार थे?
उत्तर:
लता जी के अनुसार संगीत केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक साधना और ईश्वर की भक्ति है। वे मानती थीं कि संगीत में निखार निरंतर अभ्यास (रियाज़), समर्पण और पूरी एकाग्रता से ही आता है।
प्रश्न 4: 'ऐसी भी बातें होती हैं' पाठ के आधार पर लता जी के व्यक्तित्व की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
लता जी के व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- स्वाभिमानी: वे कठिन से कठिन समय में भी अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करती थीं।
- कर्तव्यनिष्ठ: कम उम्र में ही परिवार की पूरी ज़िम्मेदारी को सहर्ष स्वीकार किया।
- विनम्रता: अत्यधिक प्रसिद्धि और सफलता मिलने के बाद भी उनका व्यवहार अत्यंत सीधा और नम्र था।
- कठोर परिश्रमी: अपने गायन में पूर्णता लाने के लिए घंटों रियाज़ और अभ्यास करती थीं।
प्रश्न 5: इस पाठ से विद्यार्थियों को क्या सीख मिलती है?
उत्तर:
इस पाठ से हमें यह सीख मिलती है कि जीवन में आने वाली मुसीबतों और संकटों से घबराना नहीं चाहिए। ईमानदारी, लगन और स्वाभिमान के साथ निरंतर परिश्रम करने से कठिन से कठिन राह भी आसान हो जाती है।
Class 8 दो गौरैया - प्रश्न और उत्तर
Class 8
दो गौरैया - प्रश्न और उत्तर (Notebook Format)
प्रश्न 1: घर में गौरैया के आ जाने पर परिवार के सदस्यों की पहली प्रतिक्रिया क्या थी?
उत्तर:
घर में गौरैया के आ जाने पर पिताजी और माँ परेशान हो गए। वे गौरैया द्वारा घर में तिनके और कचरा बिखेरने से चिंतित थे, इसलिए उन्होंने गौरैया को घर से बाहर निकालने का फैसला किया।
प्रश्न 2: पिताजी ने गौरैया को घर से भगाने के लिए क्या-क्या उपाय किए?
उत्तर:
पिताजी ने गौरैया को बाहर भगाने के लिए निम्नलिखित उपाय किए:
- घर के खिड़की-दरवाजे बंद कर दिए।
- लाठी/लाठीनुमा डंडे से उन्हें डराने का प्रयास किया।
- उनके द्वारा बनाए जा रहे घोंसले के तिनकों को हटा दिया।
प्रश्न 3: गौरैया को बाहर भगाने के सारे उपाय क्यों असफल हो गए?
उत्तर:
गौरैया बहुत जिद्दी और चतुर थीं। जब भी कोई दरवाजा या खिड़की थोड़ी सी भी खुलती, वे तुरंत अंदर आ जाती थीं। पिताजी द्वारा तिनके हटाने के बावजूद वे बार-बार नया घोंसला बनाने लगती थीं।
प्रश्न 4: अंत में पिताजी और परिवार का विचार गौरैया के प्रति क्यों बदल गया?
उत्तर:
जब पिताजी ने देखा कि गौरैया अपने घोंसले में अपने छोटे-छोटे बच्चों (छोनों) को दाना चुगा रही थीं और प्यार से चहचहा रही थीं, तो उनका दिल पिघल गया। उनका क्रोध शांत हो गया और उन्होंने गौरैया को अपने घर में ही रहने देने का निर्णय लिया।
प्रश्न 5: 'दो गौरैया' कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर:
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि बेजुबान पक्षियों और जीवों के प्रति हमारे मन में दया, प्रेम और सहानभूति की भावना होनी चाहिए। हमें उनके साथ जबरदस्ती करने के बजाय प्रकृति और जीव-जंतुओं के साथ सह-अस्तित्व बनाकर रहना चाहिए।
Class 9 अभ्यास कार्य
पुनरावृत्ति ताई की विशेषताओं को लिखकर उनमें कौन सी विशेषता आप अपनाना चाहते हैं? लता मंगेशकर के साक्षात्कार से क्या सीख मिलती है? 'भार...
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*कक्षा 6 – हिंदी विषय – अवकाश कालीन गृहकार्य* *उद्देश्य*: रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति, निजी अनुभव और हिंदी भाषा-कौशल का विकास *निर्देश*: प्...
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*कक्षा 7 – हिंदी विषय – अवकाश कालीन गृहकार्य* *उद्देश्य*: रचनात्मकता, कल्पनाशीलता, निजी अनुभव और भाषा का व्यावहारिक अनुप्रयोग *निर्देश*...
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कक्षा - छठी ( एम डी पी) जल संरक्षण पर पाँच प्रश्न 1.रचनात्मकता: यदि आपको अपने विद्यालय में जल संरक्षण अभियान चलाने का अवसर मिले, तो आप क...