शिक्षक के बिना,
जीवन अधूरा,
ज्ञान का प्रकाश,
वो सिखाते हमें सारा।
सबकुछ वो सिखा देते हैं सच्चाई से,
पढ़ाते हैं हमें जीवन की महक से।
शब्दों में वो छुपी होती हैं शक्ति अद्वितीय,
शिक्षक हमारे जीवन के महत्वपूर्ण होते नित्य।
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' द्वारा रचित "भारति, जय, विजयकरे!" कविता का सरल हिंदी अर्थ: मुख्य भाव इस कविता में कवि भ...
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