1. अनुप्रास अलंकार
- प्रश्न: "तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।" इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
- आया हुआ वर्ष (आधारित): 2014, 2019
- उत्तर: अनुप्रास अलंकार। 'त' वर्ण की आवृत्ति बार-बार हुई है।
2. यमक अलंकार
- प्रश्न: "काली घटा का घमंड घटा।" यहाँ 'घटा' शब्द दो बार आया है। दोनों बार इसका अर्थ अलग-अलग है। इस आधार पर अलंकार पहचानिए।
- आया हुआ वर्ष (आधारित): 2018, 2020
- उत्तर: यमक अलंकार। पहले 'घटा' का अर्थ 'बादल' और दूसरे 'घटा' का अर्थ 'कम होना' है।
3. उपमा अलंकार
- प्रश्न: "पीपर पात सरिस मन डोला।" पंक्ति में मन की तुलना पीपल के पत्ते से की गई है। यहाँ कौन-सा अलंकार है?
- आया हुआ वर्ष (आधारित): 2016, 2022
- उत्तर: उपमा अलंकार। 'सरिस' (समान) वाचक शब्द से तुलना स्पष्ट होती है।
4. रूपक अलंकार
- प्रश्न: "मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहों।" पंक्ति में चंद्रमा को ही खिलौना मान लिया गया है। अलंकार का नाम बताइए।
- आया हुआ वर्ष (आधारित): 2015, 2017
- उत्तर: रूपक अलंकार। उपमेय (चंद्रमा) पर उपमान (खिलौना) का अभेद आरोप है।
5. उत्प्रेक्षा अलंकार
- प्रश्न: "सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलोने गात। मनु नीलमनि सैल पर, आतप परयौ प्रभात।।" इस दोहे में 'मनु' शब्द के प्रयोग के कारण कौन-सा अलंकार है?
- आया हुआ वर्ष (आधारित): 2014, 2019
- उत्तर: उत्प्रेक्षा अलंकार। 'मनु, मानो, जनु, जानो' जैसे शब्दों का प्रयोग संभावना या कल्पना दर्शाने के लिए किया जाता है।
6. मानवीकरण अलंकार
- प्रश्न: "फूल हँसे कलियाँ मुसकाईं।" इस पंक्ति में फूलों और कलियों को मानवीय क्रियाएं करते हुए दिखाया गया है। अलंकार पहचानिए।
- आया हुआ वर्ष (आधारित): 2020, 2023
- उत्तर: मानवीकरण अलंकार। प्राकृतिक वस्तुओं पर मानवीय भावनाओं/क्रियाओं का आरोप किया गया है।
7. अतिशयोक्ति अलंकार
- प्रश्न: "हनुमान की पूँछ में लग न पाई आग, लंका सारी जल गई, गए निशाचर भाग।" यहाँ बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है। अलंकार का नाम बताइए।
- आया हुआ वर्ष (आधारित): 2016, 2018
- उत्तर: अतिशयोक्ति अलंकार। वर्णन लोक-सीमा से बाहर है।
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