रविवार, 3 मई 2026

कक्षा 9 – हिंदी विषय – अवकाश कालीन गृहकार्य*

 *कक्षा 9 – हिंदी विषय – अवकाश कालीन गृहकार्य*  

*उद्देश्य*: सृजनात्मकता, कल्पनाशीलता, अनुभव आधारित अभिव्यक्ति एवं भाषा का व्यावहारिक अनुप्रयोग  

*निर्देश*: प्रत्येक प्रश्न 180-200 शब्दों में। मौलिकता व भाषा-शुद्धता अनिवार्य। सजावट व चित्र से उत्तर को प्रभावी बनाएँ।


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*5 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – 20 अंक प्रत्येक – कुल 100 अंक*


*1. अनुच्छेद लेखन + अनुभव – ‘जब सोशल मीडिया एक दिन के लिए बंद हो गया’*  

*प्रश्न*: कल्पना कीजिए कि पूरी दुनिया में 24 घंटे के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया बंद कर दिया गया। उस दिन आपके घर, मोहल्ले और स्वयं आपके जीवन में क्या बदलाव आए? लोगों की प्रतिक्रिया कैसी रही? इस अनुभव से आपको तकनीक के प्रयोग पर क्या सीख मिली?  

*संकेत बिंदु*: सुबह से रात तक का वर्णन, सकारात्मक-नकारात्मक प्रभाव, आत्म-चिंतन।  

*कौशल*: कल्पना + तार्किक विश्लेषण + अनुच्छेद-संरचना। *अनुप्रयोग*: अनुच्छेद लेखन।


*2. अनौपचारिक पत्र + भावाभिव्यक्ति – ‘छोटे भाई को समय प्रबंधन की सीख’*  

*प्रश्न*: आपका छोटा भाई कक्षा 6 में है। वह दिनभर मोबाइल गेम खेलता है और पढ़ाई नहीं करता। उसे समय-प्रबंधन का महत्व समझाते हुए एक अनौपचारिक पत्र लिखिए। पत्र में 3 व्यावहारिक सुझाव दीजिए और अपना कोई अनुभव भी साझा कीजिए जिससे वह प्रेरित हो।  

*संरचना*: संबोधन, विषय, कुशल-क्षेम, मुख्य बात, समापन, नाम।  

*कौशल*: अनुभव + परामर्श + भाव। *अनुप्रयोग*: अनौपचारिक पत्र-लेखन।


*3. संवाद लेखन + समसामयिक विषय – ‘प्लास्टिक बनाम कुल्हड़’*  

*प्रश्न*: ‘प्लास्टिक का गिलास’ और ‘मिट्टी का कुल्हड़’ – दोनों के बीच एक नुक्कड़ पर बहस हो रही है। दोनों अपने-अपने फायदे गिना रहे हैं। 16-18 पंक्तियों का रोचक संवाद लिखिए जिसमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी आए। संवाद को उचित शीर्षक दीजिए।  

*कौशल*: कल्पना + मानवीकरण + तर्क-वितर्क। *अनुप्रयोग*: संवाद-लेखन, पर्यावरण-चेतना।


*4. व्याकरण का रचनात्मक अनुप्रयोग – ‘अलंकारों की बारात’*  

*प्रश्न*: एक लघु-कथा लिखिए ‘अलंकारों की बारात’ शीर्षक से। शर्त: कथा में उपमा, रूपक, अनुप्रास, श्लेष और मानवीकरण – इन पाँचों अलंकारों का कम-से-कम एक-एक बार सटीक प्रयोग हो। कथा के अंत में तालिका बनाकर बताइए कि कौन-सा वाक्य किस अलंकार का उदाहरण है।  

*कौशल*: सृजन + अलंकार की पहचान + अनुप्रयोग। *अनुप्रयोग*: व्याकरण को कथा में पिरोना।


*5. आत्मकथात्मक शैली + मुहावरे/लोकोक्ति – ‘मैं हूँ एक पुरानी हिंदी की पुस्तक’*  

*प्रश्न*: अपने-आप को 20 साल पुरानी हिंदी की पाठ्य-पुस्तक मानकर आत्मकथा लिखिए। बताइए कि आप किन-किन हाथों से गुजरीं, बच्चों ने आपके साथ कैसा व्यवहार किया, आज आपकी दशा कैसी है? आत्मकथा में कम-से-कम 6 मुहावरों या 3 लोकोक्तियों का सार्थक प्रयोग कीजिए और उन्हें रेखांकित कीजिए।  

*कौशल*: कल्पना + मानवीकरण + मुहावरे-लोकोक्ति। *अनुप्रयोग*: व्याकरण + मूल्य-शिक्षा।


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